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ज्ञान की बातें !

Ravindra RajdarRavindra Rajdar December 29, 2022
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अगर निराशा हो बहुत हो जाये तो, 

निराशा में से नीर को बहा देना फिर आशा बच जाएगी |


दुनिया के तरफ देखोगे तो दुःख संभव है,

स्वयं को देखना शुरू करो सुख आएगा |


परित्याग की सोचोगे तभी प्रेम आएगा,

नफा नुकसान तो नफ़रत को जन्म देते हैं |


सफलता सिर्फ सोंच से सुनिश्चित होती है, 

असफलता कुछ नहीं सिर्फ एक अपवाद है |


सत्य वही है जो सदैव था, है और रहेगा,

असत्य वह है जिसका कोई अस्तित्व नहीं है |


जन्म जुड़ाव है नयी दुनिया और नयी यात्रा से,

मृत्यु मोक्ष है उसी दुनिया और उसी यात्रा से |


- रविन्द्र राजदार 



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