मस्त रहते हैं।'s image
Poetry1 min read

मस्त रहते हैं।

Ravi NakumRavi Nakum October 4, 2021
Share0 Bookmarks 9 Reads0 Likes

खुले आंख तो जी लेते हैं

बंध हो तब मर जाते हैं




राह में कोई मिल जाए तो

सामने उसके हस देते हैं




देख हमें कोई मुंह फिराए

तो सर ज़ुका चल देते हैं




दिल से कोई याद कर ले

हम मुस्कुरा कर मिल लेते हैं




कोई क्या सोचे मतलब नहीं

हम तो ख़ुद में मस्त रहते हैं







No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts