तलाश's image
Share0 Bookmarks 137 Reads1 Likes

लब्ज़ अब आते ही नहीं इस जुबान पे

कहाँ की तपती धूप में सब कुछ पिघल गया

सिवाय उनके दिलों दिमाग के

जज़्बात जिंदा ही नहीं अब इंसान में

कहाँ अपनों की दो वक़्त की रोटी के लिए

घर छोड़े थे

अब घर को ताकते यहाँ वहाँ

अपनी ही रोटी की तलाश में ..

#ravim1987

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts