ज़िंदगी की तुलना डायरी से कर दु's image
Kumar VishwasPoetry1 min read

ज़िंदगी की तुलना डायरी से कर दु

Ravi kant KuderiyaRavi kant Kuderiya January 7, 2022
Share0 Bookmarks 21 Reads1 Likes
सोच रहा हूं , ज़िंदगी की तुलना डायरी से कर दूं।

जैसा कटता है जिंदगी का दिन , उसी तरह डायरी का एक पन्ना भर दूं।

हर रात के बाद आएगा नया सवेरा , ठीक वैसे ही नया पन्ना शुरू कर दूं।

ज़िंदगी के साथ ही खत्म हो जाना है डायरी का ये सिलसिला।

तो क्यो न दुनिया के सारे रंग हर पन्ने में भर दूँ।

       @Ravi kant kuderiya

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts