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मंज़िल की परवाह नही मुझे

Ravi kant KuderiyaRavi kant Kuderiya February 1, 2022
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मंजिल की परवाह नही 
मुझे सिर्फ रास्तों से चाह है

मोहब्बत उसकी भले ही न मिले 
दोस्ती हर कदम पर मेरे साथ है

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