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हमें वो नींद में भी अब बुलाती है

raunakkarn555raunakkarn555 April 17, 2022
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हमें वो नींद में भी अब बुलाती है

सही में याद भी उसकी सताती है


गया है लग पता उसकी सहेली से

मुझे अपना सभी को वो बताती है


लिखे थे जो ग़ज़ल उसके लिए मैंने

सही में वो ग़ज़ल सबको सुनाती है


रुलाया है नहीं हमको किसी ग़म ने

हमें जितना सही में वो रुलाती है


नहीं थी तब उसे तकलीफ़ कोई भी

ख़ुशी तेरी यही बातें बताती है


कहाँ जाए किसे बोले तिरी बातें

शबिस्ताँ में तुझे क्या याद आती है


उतरता है यहाँ बादल मगर फिर भी

बिना बादल नयन ये भीग जाती है


गया था पास में उसके सही में कल

सही में वो मुझे अब भूल जाती है

Raunak Karn

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