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हमें अपने ग़ज़ल से दर्द ग़म तुमको सुनाना है

raunakkarn555raunakkarn555 April 17, 2022
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हमें अपने ग़ज़ल से दर्द ग़म तुझको सुनाना है

बता दे दिल तुझे कितना अभी मुझको रुलाना है


अरे जो जानते हो तुम नहीं है बात अब उसकी

नहीं जो जानते हो तुम वही सब अब बताना है


रहा छोटा हमेशा जो इसी घर में सही में अब

सभी से अब बड़ा है वो सभी से यार स्याना है


नहीं है ग़म नहीं तकलीफ़ अब यारा बिना तेरे

अरे ये बात है झूटी मुझे तुझको बुलाना है


हमें भी ले चलो अब यार मैखाने अरे तुम भी

चलो अब तो इसी ग़म में हमें पीना-पिलाना है


यहाँ फुटपाथ पे अब तो नज़र है ही नहीं आख़िर

पढ़ाई छोड़ मज़बूरी कहे मुझको कमाना है


तेरी बातें यहाँ पे कौन अब बोले भला रौनक

सभी को है यहाँ तकलीफ़ अपना आस्ताना है 

Raunak Karn

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