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तलाशे इश्क

Rashid AliRashid Ali May 31, 2022
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तलाशे इश्क हिज़्र पे खत्म हुआ

इलाज़ ऐ इश्क में ये दिल बहुत बे दम हुआ

तलाशते रहे सुकून बस यूँ ही दर बदर

कंही थोडा कंही ज़्यादा और कंही ढ़ेरो ग़म हुआ

बस यकीन था, मंज़िल तो मिल ही जायेगी

मंज़िल का निशां ही क्या उसका पता भी न हुआ…


” rashid ali ghazipuri “




https://rashidalighazipuri.wordpress.com/2022/03/06/talashe-ishq/


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