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सियाह रूहें

Rashid AliRashid Ali July 30, 2022
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सियाह रूहें रौशनी की तलब लिए फिरती हैं,

बस यूँ ही ये नहीं फिरती हैं

हैं लिपटी स्याह से भी स्याह जिस्मों की परतों में,

निजात की आस लिए उन आसमा को तकती हैं…

" rashid ali ghazipuri "






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