Rose day's image
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तुमसे मिलके मेरा तार तार चमक उठता है

तू ऐसी फुलझरी है

तेरी एक हँसी से खिल जाते हैं जो दिल मे

तू उन बागों की परी है

हर गुलिस्ताँ महरूम है जिससे तू वो नायाब कली है

कोई गुलाब तुझे क्या महकाएगा 

तेरी हर अदा ख़ुशबुओं से भरी है


तेरे होंटों का सुर्ख़ रंग किसी गुलाब से कहाँ कम है

तेरा नूर भरा चेहरा किसी महताब से कहाँ कम है

तेरी आँखों की कशिश किसी गुलज़ार से कहाँ कम है 

तेरा लहराता आँचल किसी बहार से कहाँ कम है 

मेरी सुबहो-शाम को महका देता है

ये तेरा इतराना ये तेरा शर्माना 

तू खुद गुलाबों सी मखमली है

तुझे गुलाबों से क्या बहकाना 

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