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प्रेम पथ को अग्रसर

rajeevkumarpoetrajeevkumarpoet September 1, 2022
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प्रेम पथ को अग्रसर


प्रेम पथ कँटीला नुकिला

धार पे भी चलना पड़ेशोलों में भी चाहे जलना पड़े

चाहे प्यार का इम्तहान न रूकेगा

मगर प्यार का तुुफान न रूकेगा।


कुछ भी हो हालात के फैसले

कमजोर नहीं जज़्बात के फैसले

दिल ने लिए तेरे ख्यालात के फैसले

चाहे कभी जुल्म का फरमान न रूकेगा

मगर प्यार का तुफान न रूकेगा।


कश्ती न सही, पतवार न सही

लहरों का हम पर अधिकार ही सही

खिजां में बदल जाए ये बहार ही सही

जलने वालों का चाहे आन न रूकेगा

मगर प्यार का तुफान न रूकेगा।


राजीव कुमार

बोकारो स्टील सिटी

झारखण्ड।


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