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वफ़ा और जफा़ ' हैरान '

Rajeev Kumar SainiRajeev Kumar Saini March 28, 2022
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वफ़ा और जफ़ा,

फूल और काँटे हैं,

जफ़ा गर न होती,

वफ़ा को पूछता ही कौन.

खुशी और गम ,

किस्मत ने बाँटे हैं,

गम ही गर न होता,

खुशी को पूछता ही कौन.

 - राजीव ' हैरान '

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