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Romantic PoetryPoetry1 min read

तेरा जलवा ' हैरान '

Rajeev Kumar SainiRajeev Kumar Saini December 3, 2021
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तुम्हारे रंगीन आंचल से ,

आती तुम्हारे बदन की खुशबू ।

जैसे सुबह तितलियों के पंखों से

आती , फूलों की खुशबू ।

तुम्हारे चेहरे पर घनी जुल्फों का साया ।

काले बादल से चाँद निकल आया हो जैसे ।

कमसिन बदन को चटकाती सी तुम्हारी अंगड़ाई ,

जैसे बाग में कली चटकी हो कोई हौले से ।

 - राजीव ' हैरान '

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