शब ए गम  ' हैरान ''s image
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नफ़रतों ने बुझा दिए,

कई दिए शाम से,

शब ए गम गहराने लगी है,

आओ मुहब्बतों के चराग जलाएं। 

  - राजीव ' हैरान '

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