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रम्ज़। ' हैरान '

Rajeev Kumar SainiRajeev Kumar Saini August 19, 2022
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रम्ज़ ए मौला फ़कीर समझे,

सामाने इशरत जहाँ में बहुत,

दरियाओ मौजें सब ही उसकी,

जमीं उसीकी आस्मां भी बहुत।

 _ राजीव ' हैरान '

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