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नक्श और अक्स ' हैरान '

Rajeev Kumar SainiRajeev Kumar Saini November 30, 2021
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कविता लिखूंँ तुझ पर ,

तेरे नक्श या तेरे अक्स पर लिखूँ,

तू सामने हो तो लिखने के काबिल नहीं रहता ,

आईने में ,मैं तुम्हारे साथ होता हूँ। 

  - राजीव ' हैरान '

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