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Romantic PoetryPoetry1 min read

मन और ख्वाब ' हैरान '

Rajeev Kumar SainiRajeev Kumar Saini December 12, 2022
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तेरी वफ़ा के फूलों पर मन उड़ता रहा तितलियों की तरह,

तेरे हुस्न के बगीचे मे ख्वाब चमकते रहे जुगनुओं की तरह।

 - राजीव ' हैरान '

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