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जिन्दादिली। ' हैरान '

Rajeev Kumar SainiRajeev Kumar Saini November 3, 2022
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खुश हैं तभी तो जिन्दा हैं,

हमें लम्हों ने आजमाया है,

रोते तो मर गए होते,

वक्त ने बहुत सताया है।

 - राजीव ' हैरान '

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