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Romantic PoetryPoetry1 min read

गुमां उसका ' हैरान '

Rajeev Kumar SainiRajeev Kumar Saini April 27, 2022
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एक पल को नहीं भूला उसको,

हर आहट पर उसका गुमां होता है,

जब भी महक तसव्वुर की उसकी,

वो उसके आने का समां होता है,

खुशनसीब मुझसा जमाने में कहाँ होता है ।

 - राजीव ' हैरान '

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