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दिवसावसान ' हैरान '

Rajeev Kumar SainiRajeev Kumar Saini August 28, 2021
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एक तारे की उपस्थिति ,

दिवसावसान कर गयी ।

आकाश से सन्ध्या परी ,

मौन सी उतर गयी ।

धीरे धीरे तारों का ,

हुजूम सा उमड़ पड़ा ।

प्रौढ़ होकर सन्ध्या भी ,

रात में बदल गयी ।

 - राजीव ' हैरान '

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