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बोझिल दिल ' हैरान '

Rajeev Kumar SainiRajeev Kumar Saini August 10, 2022
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दिल बोझिल है बहुत,

हल्का इसे होने दो,

गले लग जाओ जरा,

सर कांधे पर रखकर, 

पल भर को मुझे सोने दो,

ये दिल बोझिल है बहुत, 

इक बार इसे रोने दो।

 - राजीव 'हैरान '

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