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बेफिक्री ' हैरान '

Rajeev Kumar SainiRajeev Kumar Saini April 6, 2022
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अब्र सूरज को ढक भले ही ले लेकिन,

अँधेरा फिर भी हो नहीं पाया है,

फिकर न कर कमनसीबी की,

ये तो किस्मत पर गम का सिर्फ साया है.

 - राजीव ' हैरान '

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