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बसन्त ' हैरान '

Rajeev Kumar SainiRajeev Kumar Saini September 1, 2021
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जब बसन्त दस्तक देता ,

जीवन की मधुशाला पर ।

तब तरंगें उठने लगती ,

यौवन मद् की प्याली में ।

सपन सलौने तैरने लगते ,

मन वीरां और खाली में ।

इन्द्रधनुषी फूल खिल जाते ,

मतवाली आँखों काली में ।

- राजीव ' हैरान '

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