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Romantic PoetryPoetry1 min read

अँधेरे उजाले ' हैरान '

Rajeev Kumar SainiRajeev Kumar Saini June 5, 2022
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दुनिया में हैं जो अँधेरे उजाले,

मेरे लिए तेरी पलकों की जुम्बिश ।

तुझ से मेरे अशार सराहे न गए,

ये है मेरे इश्क के सितारे की गर्दिश ।

 - राजीव ' हैरान '

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