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नाकाम हूं नाकाबिल नहीं

Rajat AgrawalRajat Agrawal October 3, 2022
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सच है की जो सपने देखे थे वो हांसिल नहीं,
नाकाम जरूर हुआ हूं लेकिन नाकाबिल नहीं।

भंवर में फंस ही जाती हैं अक्सर
वो किश्तियां मिलते जिनको साहिल नहीं।

और हवाएं भी तो बह रही हैं उल्टी दिशा में,
अभी डूबी नहीं हैं नाव क्या ये काफी नहीं।

सच है की जो सपने देखे थे वो हासिल नहीं,
नाकाम जरूर हुआ हूं लेकिन नाकाबिल नहीं।

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