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यदि मिल जाता अवसर

Raj vardhan JoshiRaj vardhan Joshi February 28, 2022
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यदि  मिल जाता अवसर समुचित
वज्रपात कर आता
तिनका ही पर्याप्त भेद को
संधान मात्र कर पाता
मस्तक चढ़ ग्रीवा 
देता मरोड़ तोड़
अस्थिपंजर छोड़
मरने पतित कुचक्री
समय किन्तु हाथ
न आया। 
'राज वर्धन जोशी'

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