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एक पंक्ति ही उठे हृदय से

Raj vardhan JoshiRaj vardhan Joshi March 11, 2022
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एक पंक्ति ही उठे हृदय से
जो घाव करे पर घाव हरे
ऐसी मुक्तामणि शब्दों की
कोई भाव करे हर भाव मिले
हर भाव मिले पर भाव करे
और भाव हरे पर घाव भरे
कितना तोल करे शब्दों का
कितना कोई प्रस्ताव करे। 
'राज वर्धन जोशी'

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