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दिग्भ्रमित जो भी हुआ

Raj vardhan JoshiRaj vardhan Joshi March 7, 2022
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दिग्भ्रमित जो भी हुआ
वो बस भ्रमण में रह गया
जल गया लौ में पतिंगा
अमृत मधुप सब ले गया।
राजवर्धन जोशी 

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