चरित्र नापने वाली मशीन
चरित्र नापने की मशीन's image
Article3 min read

चरित्र नापने वाली मशीन चरित्र नापने की मशीन

Raj vardhan JoshiRaj vardhan Joshi March 6, 2022
Share0 Bookmarks 170 Reads0 Likes
सोना जब कभी टंच किया जाता है,
खुद ही वो चौबीस कैरेट का हो जाता है।
सोने की शुध्दता नापने के कई पैमाने हैं,
हालमार्क आभूषणों के सभी दीवाने हैं।
आज हर एक चीज की गुणवत्ता तय है,
दूध, मिठाई, दवाई, शराब, कोई पेय है।
सबकी गुणवत्ता नापने की मशीनें आती हैं,
कब है एक्सपायरी वो सब डेट बताती हैं।
वित्त व्यवसाय में रेटिंग एजेन्सी होती हैं,
माली हालत कैसी है फर्म की कहती हैं।
आपको कहीं घूमने विदेश जाना है,
अच्छे से होटल का पता लगाना है।
बस मोबाइल उठाइये सर्च कर लीजिए,
किसी एडवाइजर से मशविरा कीजिए।
कहां जाइये कैसे जाइये सब बता देगा,
क्या क्या न करें ये भी मुफ्त समझा देगा।
चांद से लेकर सूरज तक की दूरी कितनी है,
भारतीय क्रिकेट टीम की संभावना कितनी है।
हर एक विषय के विशेषज्ञ हैं जानकार हैं,
संगीत के बड़े घराने है धुरंधर फनकार है।
आश्चर्य है कैसे मनुष्य इतना सब जान जाता है,
उससॆ भी ज्यादा अपने लिए क्यों नहीं एक बनाता है।
एक ही व्यक्ति के लिए हर एक का अलग नजरिया है,
किसी के लिये जो चरित्रवान अगले के लिये घटिया है।
पैसा, ओहदा, कदकाठी की तौल तो आसान है,
लेकिन व्यवहार, चरित्र जानना दुस्कर काम है।
औरों की छोड़िए स्वयं को भी नहीं पहचान पाता है,
आईना देखता परछाईं निहारता कभी फोटो बनाता है।
देखते चेहरा पूरी जिंदगी यूं ही गुजर जाती है,
सीरत की सूरत आइने में नजर नहीं आती है।
कब वो बच्चे से बदलकर जवान हो जाता है,
मां बाप को अकेला छोड़ क्यों चला जाता है।
किस तरह मिले कोई जो ताउम्र साथ निभाए,
ऐसा मंगेतर जो उसकी बेटी को समझ पाए।
सामने जो मीठी बातें करता है पीछे कैसा होगा,
बाप तो बड़ा शरीफ है लड़का भी क्या ऐसा होगा।
कोई अजनबी रास्ते में मिला फरिश्ता बन जाता,
बरसों का परिचित अपना बातों मे ही ठग जाता है।
फिर समझ में नहीं आता कहां जाय किसे बताए,
ठगने ही बैठे है सब तो घर आखिर किसे बुलाए।
बस इसी इंतज़ार में बैठा हूँ कभी तो समय आएगा,
किसी वैज्ञानिक का ध्यान चरित्र तौलने वाली मशीन
पर भी जाएगा।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts