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भूत और चुड़ैल

Raj MishraRaj Mishra October 6, 2021
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दोनों अभी नये नये मरे थे।

वह भूत बन गया और वो चुड़ैल।

मरे क्या, मार दिए गए थे।

एक असफल प्रेम कहानी का अंत।


गांव के बाहर एक घना, बहुत पुराना

पीपल का पेड़ था।

हवा चलती तो उसके पत्ते अजीब सी धुन बजाते।

रात के अंधेरे में उस ओर जाने का किसी में साहस न था।


पेड़ को अपना ठिकाना बना लिया उन दोनों ने।

दिन मौज से कट रहे थे।

किसी के देखने और टोकने की कोई आश॔का नहीं।

अब वे देह से परे, अशरीरी हो चुके थे।


दोनों सभी आने जाने वालों को देखते।

उनकी बातें सुनते और मजा लेते।

पकाने खाने की ज़रूरत से वे मुक्त थे।

चुहलबाजियों में समय गुजर रहा था। 

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