नदी हो तुम's image
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धवल उज्ज्वल चांदनी सी ,
नदी हो तुम , नदी हो तुम ।

हलचल करती लहराती 
मचलती    इठलाती बलखाती ,
नदी हो तुम , नदी हो तुम।
कल कल की मधुर ध्वनि कानों में घोलती , 
मीठे सपने दिखाती ,
नदी हो तुम , नदी हो तुम ।

पर्वतों खंडहरों को चीरकर, 
धरा की गोद मे खेलती ,
हरी फसलें लहराती , बहलाती ,
नदी हो तुम , नदी हो तुम ।

क्यों आतुरता व्याकुलता है
अनंत सागर में समाने को , 
क्यों इतनी जल्दी है जल में जल जाने को ,
कुछ ठहरो , हंसो खिलखिलाओ ,
थोड़ा सा जीवन देती जाओ , 
जीवनदायिनी हो तुम ।
नदी हो तुम , नदी हो तुम ।।

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