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कैसे कैसे उत्पाद

SATISH RAISATISH RAI November 11, 2022
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कैसे कैसे उत्पाद

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शहर के चौराहे पर बडी भीड़ लगी थी

भीड़, ऐड़े, मेड़े, टेढे खड़ी थी

एक आदमी चिल्ला रहा था

मुझे लगा जैसे कुछ बेचा जा रहा था ।

बेचने वाले ने आवाज लगाई

क्या शरीर में स्फुर्ति न होने से परेशान हो भाई?

क्या थकान से टूटता है बदन?

क्या काम करने में नहीं लगता है मन?

क्या आफिस समय से नहीं पहुंच पाते?

या मैनेजमेंट रिव्यू ने कर रखा है नाक में दम

खुद से ही झुंझलाए हो

या अपनी पत्नी से लड़कर आए हो

तो इन सबकी हमारे पास है ये दवा

सभी परेशानियां कर देती है हवा

शी मैन को ही मैन की फीलिंग देती है ।

इतना सुनते ही

मैंने हाथों से हवा को फाड़कर भीड़ को हटाया

लगा जैसे मैं अब सही जगह पर आया

मैंने कहा इतनी कीमती चीज

कहीं मंहगी तो नहीं है?

वो बोला भाई साहब !

आपने भी ये क्या बात कही है

जिद और शौक की कभी कीमत नहीं देखते

औकात नहीं होती है

तो भी हैं पैसे फेंकते ।

फिर ये तो औषधि है

ये वो बूटी है जो खोल देती है

पीने - पिलाने वाले के भाग्य का गेट

सम्पूर्ण गुणों से भरी पड़ी है

आपकी सेवा के लिए

सदैव तैयार खड़ी है ।

ये है हर बल वाली

हमारी "दिलजले फेफड़ा गले सिगरेट"

जिसको पीते ही हो जाते हैं

सभी लटके - भटके काम सेट ।

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सतीश कुमार राय

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