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तुम्हें भूलना चाहता हूं

Rahul KumarRahul Kumar December 30, 2021
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की अब बस तुझे भूलने के लिए याद करता हूं।
 कुछ हद तक अपनी आदतों से सुधर रहा हूं मैं।।

जानता हूं तूने बदल लिया है शहर अपना।
 फिर भी तेरी गली से गुजर रहा हूं मैं।।

और तू खिड़की पे नही फिर भी गुलाब फेंक आया।
 ये किस बेशर्मी पे उतर रहा हूं मैं।।

और जो आस्तीन का ख़ंजर है उतार देना मेरे सीने में।
 तुझे बेवफ़ा कहकर गलती कोई अगर कर रहा हूं मैं।।

इतनी हैरान क्यों हो मुझे इतना बदला देख।
अरे तुम्हारी ही तो नक़ल कर रहा हूं मैं।।

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