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Romantic PoetryPoetry1 min read

फ़िर मुलाक़ात हो जाए

RAHUL BHATTRAHUL BHATT December 24, 2022
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उसने कहा "जा रही हूं"

मैंने कहा दुबारा कब मिलोगी

उसने कहा " ख़ुद ढूंढना ,

मुझे किताबे बहुत बहुत पसंद हैं "

तब से

मैं रोज़ किताबे पढ़ रहा हूं

ना जाने किस पन्ने पर

फिर मुलाक़ात हो जाए।

राहुल भट्ट

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