अब दिल नहीं करता's image
Poetry1 min read

अब दिल नहीं करता

Special RaghurajSpecial Raghuraj December 26, 2022
Share0 Bookmarks 11 Reads0 Likes
अब कुछ लिखने को मन नहीं करता
 करता तो है बहुत पर दिल ही नहीं करता
मैंने अपने लेखन से ही दोस्ती की है शायद
इसलिए मेरा कोई जिगरी यार न ठहरा
वक्त के झंझावातों में अब लिखने का मन नहीं है
फिर गुफ्तगू किससे होगी दिक्कत यही है
जीवन सरल है ऐसा दिखता बहुत है
लेकिन उलझता है तब खलता बहुत है
जीवन की इस नैया में रुका हूं मझधार में 
ना आशा है ना निराशा है बस शून्य हूं अपने विचार में...

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts