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मेरी हर ख़्वाहिशों को

Rabindra Kumar BhartiRabindra Kumar Bharti January 2, 2023
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मेरी हर ख़्वाहिशों को ख़ुदाया तू ज़मीं दे दे

मेरे खुदा कि तू मुझे एक और जिंदगी दे दे

ज़ायक़ा हर पल-पल का लगता है नया नया सा

मेरे बचपन की जिंदगी का फिर ज़ायक़ा दे दे

© रविन्द्र कुमार भारती

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