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सत्य स्वयं सिद्ध है

R N ShuklaR N Shukla November 6, 2021
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सत्य स्वयं सिद्ध है

असत्य निषिद्ध है


सत्य को घेरने की

होती रहती हैं साजिशें

की जाती हैं मोर्चाबन्दी

झूठ के सहारे से।


पत्थरों को रगड़कर–

बनाये जाते हैं पैने हथियार!

करने के लिए लहूलुहान

सत्य को!


गढ़े जाते हैं झूठ-भरे नारे 

छद्म आवरण में ।

दुरभिसन्धि करते हैं

स्वयं को प्रस्थापित करने को

नित नए-नए रूप धरते हैं!

क्या-क्या नहीं करते हैं


किन्तु सत्य तो सत्य है

धर्म को निभाता हुआ

संघर्ष गीत गाता है

बिखर जाती है मोर्चेबन्दी-

झूठ की।

होती है जीत सत्य की!


क्योंकि –

सत्य स्वयं सिद्ध है

असत्य निषिद्ध है!

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