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प्रश्नोत्तर-विनोद

R N ShuklaR N Shukla August 30, 2022
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प्रश्न –

बहुत शर्मा रहे हो !
कहाँ से आ रहे हो ?

उत्तर –

इतना क्यूँ सताती जा रही हो
कुछ कर गुजरना  चाहती हो ?

प्रश्न –

बहुत मग़रूर होते जा रहे हो !
इतना क्यों बिगड़ते जा रहे हो ?

उत्तर –

तुम्हें मैं प्यार करना चाहता हूँ
तुम क्यों बहकती जा रही हो ?

प्रश्न -

देखते भी नहीं मेरी तरफ तुम !
कब से मैं रूठी हुई बैठी हुई हूँ !
तेरी  नज़र में  मैं बहुत  झूठी हुई हूँ !
बहाने खूब बनाते,मनाते भी नहीं हो !

उत्तर –

तेरी कसम! 
तुझे दिल से मनाना चाहता हूँ 
बात तो सुनती ही नहीं  हो !
सिर्फ़ आंखें दिखाना जानती हो !

प्रश्न -

कसमें जो खाते हैं ,  वो  अक्सर  झूठे होते हैं !
समझते हैं सभी बातें पर दिल के कच्चे होते हैं !

उत्तर -

तुम्हारे  संग  है जीना  तुम्हारे  संग ही  मरना !
बताओ अब तुम्हीं ऐ दिल! तुम्हें कैसे मनाऊँ मैं ?
न तुम हारी न मैं हारा , न मैं जीता न तुम हारी !
चलो अब मान भी जाओ 
मेरी अब जान मत खाओ !









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