पिता का दर्द!'s image
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पुरानी उम्र का किस्सा हूँ मैं

तुम्हारी रूह का हिस्सा हूँ मैं।

इतनी बेरूख़ी से

'नजर-अंदाज' मतकर मेरे बच्चे!

तेरे लिए, अब भी–

बहुत ही ख़ास हूँ मैं।

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