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मोहब्बत का पैग़ाम बन जा !

R N ShuklaR N Shukla July 29, 2022
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दर्द-ए-दिल को सहेजता जा
लोगों में  प्यार बिखेरता जा
नफ़रतें मत पाल अपने दिल में
मोहब्बत का  पैगाम  बन जा !

दुनिया में आये हो मोहब्बत लेकर
तो अवाम-ए-जिंदगी सवाँरता जा
इस जिंदगी से  रुख़्सती से पहले
मोहब्बत की शमा जलाता जा..

क्या लेकर आया था , 
क्या लेकर जाएगा ?
कुछ बेहतरीन करगुजर दुनिया में
दुनिया में तेरा नाम लिया जाएगा !

जहर  बोयेगा जो  इस दुनिया में ,
तो जहर ही तेरे हिस्से में आयेगा !
वक्त से पहले सम्हल जा ऐ इंसा !
वर्ना पछताता हुआ चला जायेगा !

जाने के बाद उसके दरबार में 
तेरा हिसाब–किताब होगा ! 
तुमसे बहुतसारा सवाल होगा
हिसाब –किताब जो गलत हुआ तेरा !
तो , उसकी भारी कीमत चुकाएगा !

इंसान बनकर के इस दुनिया में 
तू कभी वापस नहीं आ पायेगा !
नरक  की  ही  हवा खायेगा !
पछतायेगा ! पछतायेगा .....

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