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मीत बन जाऊँ !

R N ShuklaR N Shukla May 4, 2022
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जी करता है बाँस की 
बांसुरी  बन  जाऊँ
तेरे होठों से लगकर–
सुधामय गीत बन जाऊँ
तुम्हारा मीत बन जाऊँ !

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