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लेखन है मेरा प्राण मित्र !

R N ShuklaR N Shukla April 20, 2022
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'श्रम-सीकर' सुवर्ण सुघर !

आलोक  सृजन  लेखन से–

अभिमंत्रित  है  मन !

मेरी  साँसें  करती रहती हैं –

आलिंगन  लेखन  का !

लेखन है मेरा "प्राण"  मित्र !

प्राणों को मिलता  नव-जीवन !

हे लेखन ! तेरा अभिनंदन !!

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