'कविशाला-सन्देश''s image
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कविशाला एक उन्नत स्थल!

सम्मानित होते कवि-लेखक- गण।


भाषा-भावों का सम्बन्ध सनातन!

हम लिखते जाते हैं अविरल।


अतिसुन्दर! शोभन कृतियों से–

'हिन्दी' माँ का भरते हैं आँचल!


पढ़ने-लिखने से लेखन को

मिलता जाता सुन्दर आयाम!



लिखने में हे मेरे मित्रों!

कभी न देना पूर्ण विराम!!

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