आशियाना's image
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इधर-उधर के–

आशियाने को छोड़

अपने बर्बाद होते–

आशियाने को सवाँर!

क्यूँकि–

वहीं है तेरा सच्चा प्यार!

जो करता रहता है–

दिन-रात तेरा इन्तज़ार...

मत इधर उधर भाग!

अपना उजड़ता घर बचा!

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