'अड़ी'पे एक दिन!'s image
Poetry1 min read

'अड़ी'पे एक दिन!

R N ShuklaR N Shukla February 19, 2022
Share0 Bookmarks 74 Reads0 Likes
अड़ी पे एक दिन !

चाय पी ही रहा था –

मित्रों संग! कि

तुझपे नजर पड़ी !   

तू थोड़ी दूर......पे

मुस्कुरा रही थी 

खड़ी–खड़ी!

बला की सादगी थी 

तेरी उस मुस्कुराहट में !

ओ सादगी तेरी,मुझे–

जीने भी नहीं देती !

मरने भी नहीं देती !

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts