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मोहब्बत के टुकड़े

Pushpendra Pal SinghPushpendra Pal Singh November 22, 2022
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"मोहब्बत के टुकड़े"


वो जो टुकड़ों में काटी गई

वो, वो…….

वो जो टुकड़ों में काटी गई


या खुदा


वो बे पनाह मोहब्बत थी

जो चील कौवों को बाटी गयीं


वो जो उस बाप ने

बहुत नाजों से पाली हैं


एक ज़रा सी मोहब्बत क्या कर ली

उसी बाप ने सूट केस में डाली है


रचना :-पुष्पेंद्र पाल सिंह


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