ले दे के !'s image
0 Bookmarks 0 Reads0 Likes
हम क़दम हम भी चले थे दूर तक,
पर रही मंज़िल हम्हीं में , ले दे के !

था सफ़र तो आसमां तक साथ थे
पर रही मंज़िल ज़मीं पे, ले दे के!

पास मेरे जो भी है सब कुछ है उसका
पर रही धड़कन हमहीं में, ले दे के !

झूमते हैं आज भी तन्हाई में हम 
पर रही फिर भी कभी सी, ले दे के!

बुझ नहीं पाया दिया बुझ कर भी"पुष्कर"
पर रही बाक़ नमी सी , ले दे के!


-पुष्कर श्रीीवास्तव "पुष्कर"













म्म््हेंे

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts