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उंँगलियांँ तेरी उंँगलियों से उलझ जाए

PurushottamPurushottam November 15, 2022
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मेरे मन की सारी गुत्थियांँ सुलझ जाए

उंँगलियांँ तेरी उंँगलियों से उलझ जाए


ये क्या रट लगा रखा है i hate u की

कुछ ऐसा कहो मुझे भी समझ आए

×××

©पुरुषोत्तम

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