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मैं हँस रहा हूंँ

PurushottamPurushottam January 7, 2022
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कभी मैं खुद पर हँस रहा हूंँ

कभी मैं तुम पर हँस रहा हूंँ


मेरी तो प्रकृति है, उसे लगा 

मैं जान बूझ कर हँस रहा हूंँ


मुझे देख वो भी हँसने लगा 

मैं लोट लोट कर हँस रहा हूंँ


गिर ना जाए वो ऊपर मेरे

मैं ख़ुद संभल कर हँस रहा हूंँ


आस पास सब लोग दुखी हैं

मैं दूर जा कर हँस रहा हूंँ

×××

©पुरुषोत्तम


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