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कितना अबोध हो गया आजकल जमाना

PurushottamPurushottam August 25, 2021
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कितना अबोध हो गया आजकल जमाना,

नए पत्थर की चाह में खो रहा हीरा पुराना।


जिस्म की प्यास तुम जहांँ चाहो मिटा लो,

रूह गर प्यासी हो तो मेरे पास आ जाना।

×××

©पुरुषोत्तम

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